// ASHISH_KI_BAAT
भाव
आशीष की बात
जो बात होठों तक आई और रुक गई, वही सबसे सच्ची शायरी है — यहाँ वही लिखा जाता है, जो दिल में बारिश की तरह बरसा, मगर लफ़्ज़ों की ज़मीन तक कभी पहुँच न पाया।
नरम आँखों से जो बात कही जाती है, वो अल्फ़ाज़ों में नहीं आती।
हर भाव के लिए एक पहनावा
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